
Kalki
Letra
Kalki
कली युग का है ये गला घोंटू साया अंधेरा छाया, धर्म नीलाम हो गया लालच और नफरत का फैला है जहर का ज़हर पर कान लगाओ, नई कहानी का ये पहला पहर पुकारते हैं कल्कि, दसवां अवतार, विष्णु का तेज देवदत्त पर सवार, सफेद रोशनी का ये तूफान है देख जलता हुआ खड्ग हाथों में, करेगा सब कुछ सही कली का ये राज खत्म, आज की रात, ये है वही! शम्भाला में जन्मा, अज्ञात सा ये शहर मगर उसकी नियति ने दी है ये पुकार दुनिया अंधेरे में डूबी, धर्म हुआ बिखर वक्त है उठने का, वापस पाने का अधिकार पुकारते हैं कल्कि, दसवां अवतार, विष्णु का तेज देवदत्त पर सवार, सफेद रोशनी का ये तूफान है देख जलता हुआ खड्ग हाथों में, करेगा सब कुछ सही कली का ये राज खत्म, आज की रात, ये है वही! इस तबाही के राख से, बनेगी दुनिया नई प्रेम और करुणा, रास्ता दिखाएंगे सच्चे रास्ते धर्म होगा बहाल, नूर से नहाएगा आसमान बुराई के रास्ते चलने वालों, भागो जल्दी यहाँ से पुकारते हैं कल्कि, दसवां अवतार, विष्णु का तेज देवदत्त पर सवार, सफेद रोशनी का ये तूफान है देख जलता हुआ खड्ग हाथों में, करेगा सब कुछ सही कली का ये राज खत्म, आज की रात, ये है वही! जगाओ ज्योति को, जो लड़ते हैं अभी भी कल्कि आ रहे हैं, लाने के लिए रोशनी अपने अंदर के जुनून को जगाओ, सही रास्ते पर चलो नई सुबह होने वाली है, थामो ज़रा, मत डगमगाओ!
