Dukhe

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Qawwali style

04:00

Tekst

Dukhe

शहनाईयों की सदा कह रही है
खुशी की मुबारक घड़ी आ गई है
सजी सुर्ख जोड़े में चांद सी दुल्हन
जमी पे फलक से परी आ गई है
आ…. आ….
आ…. आ….
दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है
दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है
दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है
पल भर में कैसे बदलते हैं रिश्ते
पल भर में कैसे बदलते हैं रिश्ते
अब तो हर अपना बेगाना लगता है
दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है।।
सात फेरों से बंधा जन्मों का ये बंधन
प्यार से जोड़ा है रब ने प्रीत का दामन
है नयी रस्मे नयी कसमें नयी उलझन
ओठ है खामोश लेकिन कह रही धड़कन
धड़कन… धड़कन…२
धड़कन.. मेरी धड़कन
धड़कन.. तेरी धड़कन
धड़कन… धड़कन…२
धड़कन.. मेरी धड़कन मेरी धड़कन
मुश्किल अश्कों को चुकाना लगता है
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है
पल भर में कैसे बदलते हैं रिश्ते
अब तो हर अपना बेगाना लगता है
दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है।
दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है।।
मैं तेरी बाहों के झूले में पली बाबुल
जा रही हूं छोड़ के तेरी गली बाबुल
मैं तेरी बाहों के झूले में पली बाबुल
जा रही हूं छोड़ के तेरी गली बाबुल
खूबसूरत ये जमाने याद आएंगे
चाह के भी हम तुम्हें ना भूल पाएंगे
मुश्किल… मुश्किल…
मुश्किल दामन को चुराना लगता है
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है।