
Har Khwab
Tekst
Har Khwab
Verse 1 तेरी यादों में बहका मैं, चाँदनी रात में देखा मैं, हर ख्वाब तेरा चेहरा है, ये मौसम की सदा तेरा नाम ले। Chorus तू है जहाँ, मेरे दिल में बसा, साँसों में घुला, तेरा ही तो फ़साना, हमकदम, हमनवा, बिन तेरे ना जिया, जो तू ना हो पास, ये जीवन है क्या। Verse 2 बरसातें तेरी बातें, गूंजती राहों में, खो जाऊँ जहां तू हो साथों में, तेरी मिट्टी में मिल जाऊं, इक बार फिर से, तू आसमां मेरा, मैं ज़मीं पे तेरा। Verse 3 रातों के साए में ढूंढूं तेरा नूर, तू ही बता, कैसे कटे ये दूरी दूर, हर पल तेरी आदत में जिया मैंने, तेरी हंसी मेरी खुशी, तेरे बिन सूनी से। Chorus तू है जहाँ, मेरे दिल में बसा, साँसों में घुला, तेरा ही तो फ़साना, हमकदम, हमनवा, बिन तेरे ना जिया, जो तू ना हो पास, ये जीवन है क्या। Verse 4 लम्हें ये थम जाएं, तू साथ हो जब, छू लूं मैं आसमान, तेरे हाथों से रब, तेरी आरज़ू में बहें मेरी रातें, मेरे शहर में आ, जहां मेरे साथे।
