
अब कहा उनको, याद मेरी आती है,
가사
अब कहा उनको, याद मेरी आती है,
अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, अक्स दिखता है मेरा, आज भी नजरों में तेरी, अक्स दिखता है मेरा, आज भी नजरों में तेरी, उनकी नजरें, अब हम पे, कहां टिक पाती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, बेपर्दा आज है हम, ख्वाहिश ये उनकी थी, बेपर्दा आज है हम, ख्वाहिश ये उनकी थी, अब नज़रों में मेरे, वो आने से कतराती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, कहां तो कहती थी, वो यार भरी महफिल में, कहां तो कहती थी, वो यार भरी महफिल में, मिलती है राह अब तो, राह बदल जाती है। अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, अक्स दिखता है मेरा, आज भी नजरों में तेरी, अक्स दिखता है मेरा, आज भी नजरों में तेरी, उनकी नजरें, अब हम पे, कहां टिक पाती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, बेपर्दा आज है हम, ख्वाहिश ये उनकी थी, बेपर्दा आज है हम, ख्वाहिश ये उनकी थी, अब नज़रों में मेरे, वो आने से कतराती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, कहां तो कहती थी, वो यार भरी महफिल में, कहां तो कहती थी, वो यार भरी महफिल में, मिलती है राह अब तो, राह बदल जाती है। अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, अक्स दिखता है मेरा, आज भी नजरों में तेरी, अक्स दिखता है मेरा, आज भी नजरों में तेरी, उनकी नजरें, अब हम पे, कहां टिक पाती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, बेपर्दा आज है हम, ख्वाहिश ये उनकी थी, बेपर्दा आज है हम, ख्वाहिश ये उनकी थी, अब नज़रों में मेरे, वो आने से कतराती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, कहां तो कहती थी, वो यार भरी महफिल में, कहां तो कहती थी, वो यार भरी महफिल में, मिलती है राह अब तो, राह बदल जाती है। अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है, अब कहा उनको, याद मेरी आती है, नज़्म मेरी, अब कहा, लुभाती है,
